हमराही

सुस्वागतम ! अपना बहुमूल्य समय निकाल कर अपनी राय अवश्य रखें पक्ष में या विपक्ष में ,धन्यवाद !!!!

Saturday, March 16, 2013

''..होली है ..''






             बसंती हवाओं का जैसे ही फेरा हो गया, 
           फाल्गुन के आते ही रंगीन सवेरा हो गया| 


आओ सब मिल होली मिलन मनाएँ,
नफ़रत और गिले शिकवों को भूल|






                          खुश्बू से महका है सारा आलम,
                    कुदरत ने सुन्दर बिखेरे है फूल|

     




                            नीला,पीला,हरा, लाल ,गुलाबी,
                          गलियों में उठी है रंगों की धूल|
   


दीन दुखियों में यूँ प्यार रंग बाँटो,
रहे ना किसी के मन में कोई शूल|






                           गुस्सा छोड़ो,गले से लग जाओ,
                            हो जाओ चाचा तुम अब कूल|

  





                           पिचकारी,गुब्बारे,गुलाल लाओ,
                           गलियों में बनाओ रंगों के पूल|


हुड़दंग करो टोलियाँ बना आओ,
रहे ना आज कोई नफ़रत का रूल|
..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..,..

Post A Comment Using..

22 comments :

  1. लगता है अएब होली का रंग चढ़ने लगा है!
    सार्थक सन्देश देती हुई सुन्दर रचना!

    ReplyDelete
    Replies
    1. शुक्रिया गुरु जी ,दो दिन से मथुरा वृन्दावन थी इसलिए जवाब नहीं दे पाई

      Delete
  2. कितने अच्छे रंगों से होली खेली है आपने
    बहुत सुन्दर ...

    ReplyDelete
  3. khoobshurat ahsas aur rango ke behatareen mjshran se saji dhaji holi

    ReplyDelete
    Replies
    1. अजीज़ sir शुक्रिया

      Delete
  4. बेहद उम्दा प्रस्तुति ... रंगों मे डूबी हुई !

    आज की ब्लॉग बुलेटिन यह कमीशन खोरी आखिर कब तक चलेगी - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

    ReplyDelete
    Replies
    1. शुक्रिया शिवम् जी मेरी post शामिल करने के लिए

      Delete
  5. आगे-आगे देखिए होता है क्या?
    आपकी इस पोस्ट को आज चर्चा मंच पर भी लिंक किया गया है।
    --
    http://charchamanch.blogspot.com/2013/03/1186.html

    ReplyDelete
    Replies
    1. गुरु जी आभार ,मेरी रचना को चर्चा मंच पर लाने के लिए

      Delete
  6. रंग बिरंगी होली का खुमार ब्लॉग पर भी छाने लगा है,बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति.

    ReplyDelete
    Replies
    1. जी शुक्रिया अब ब्लॉग होलीमय होते जा रहे हैं

      Delete
  7. आमीन ... रंगों की बौछार ऐसी ही होती रहे ... जीवन में रंग खिलते रहें ...

    ReplyDelete
    Replies
    1. शुक्रिया sir होली आपके जीवन में ढेरों खुशियाँ लेकर आये

      Delete
  8. आया होली का त्यौहार करो रंगों की बौछार,,,उम्दा प्रस्तुति ...
    Recent Post: सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार,

    ReplyDelete
  9. एकदम सटीक और सार्थक प्रस्तुति आभार

    बहुत सुद्नर आभार अपने अपने अंतर मन भाव को शब्दों में ढाल दिया

    होली के इस पावन रंगों के त्योहार पर ढेर साडी शुभकामनाये

    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    एक शाम तो उधार दो

    आप भी मेरे ब्लाग का अनुसरण करे

    ReplyDelete
    Replies
    1. शुक्रिया दिनेश जी

      Delete
  10. होली पर्व पर प्रेम व भाईचारे का संदेश देती सुंदर रचना....

    ReplyDelete
  11. waah bahut maedar baten ...rangon ke sath....

    ReplyDelete