हमराही

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Friday, August 23, 2013

दोहे [ तीज ]

मेघा रे बरसो अभी, प्यारी लगे फुहार 
यूँ हरियाई है धरा,कर धानी शिंगार  ||

अब हरियाली तीज है,  ले आई सन्देश 
संग धरा के नारियाँ, धर लें धानी वेष ||

पहन खनकती चूड़ियाँ,मेंहदी लगे हाथ 
करे सुहागिन कामना,सजना का हो साथ ||

अम्बर को छूने चलीं, कर धानी श्रृंगार 
तन मन भीगा मेघ से ,गूँज उठे मल्हार||  

रंग बिरंगी ओढ़नी,पहन रहीं हैं झूम 
मेले में ही तीज के ,मचा रही हैं धूम ||
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