हमराही

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Thursday, August 1, 2013

मुक्तक

१.काश! उसको हमने यूँ गले से लगाया होता,
  अपने धड़कते दिल का हाल बताया होता!
  कह देती बस धड़कनें,जो ना कह पाए हम,
  समझ ही लेता वो बस फिर क्या था गम !!

२.अगर नही समझ पाता तो होता उसे अहसास,
  कितना मुश्किल है खोना और पाना विश्वास!
  प्यार के अहसास भी होते हैं क्या अजीब?
  जो समझे वो अमीर,जो खो दे वो ग़रीब !!
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