हमराही

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Thursday, May 15, 2014

माँ [दोहावली]

माँ में पूजा अर्चना ,माँ में समझ अजान 
माँ में तेरा है खुदा, माँ में है भगवान ||

माँ में गीता है बसी ,माँ में बसा कुरान  
माँ में सारे धर्म हैं ,माँ में सब भगवान ||

माँ समझे तेरी ख़ुशी, माँ ही समझे पीर 
माँ के नैनों से बहे, केवल ममता नीर ||

बच्चे होते हैं सबल, जो माँ का हो साथ 
मिलता मनचाहा अगर, सिर पर माँ का हाथ ||


माँ मूरत भगवान की, इसका सुंदर रूप 
माँ है छाया पेड़ सी, लगने ना दे धूप ||

माँ का हँसता चेहरा, ह्रदय भरे उल्लास 
माँ की ममता से सदा, बढ़ता है विश्वास ||

मंदिर मस्जिद ढूंडता, फिरता है हर द्वार 
सुख है माँ की छाँव में, करती नैया पार ||