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Wednesday, June 7, 2017
"डोली"
डोली तो उठी थी
दो सुहागनों की
चार चार कंधों पर
फूलों से लदी
लाल जोड़े में सजी
सोलह श्रृंगार किये..
लेकिन
एक विदा हो रही थी
एक अलविदा हो रही थी
...सरिता यश भाटिया...
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