हमराही

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Friday, July 5, 2013

सुप्रभात दोहे 2.

सुबह सुहानी आ गई  ,लेकर शुभ सौगात |
अधरों पर मुस्कान धर, प्यार बसे दिन रात||
पूरे हों सपने सभी ,रहो न उनसे दूर |
गम का ना हो सामना ,ख़ुशी मिले भरपूर||
तारे सारे छुप गए ,आई प्यारी भोर |
आँगन खुशिओं से भरे ,मनवा नाचे मोर||
मिले सुखद सन्देश जो ,अधर खिले मुस्कान| 
खुशिओं से आगाज हो ,मिले हमेशा मान||
पुष्प सी मुस्कान लिए ,रहो हमेशा पास |
होना ना उदास कभी क्योंकि आप हो ख़ास||
दिवस आज रविवार का ,करो आज विश्राम| 
बाकी कल सब देखना,छूट गए जो काम||
रविवार का दिवस गया, छोड़ो अब  विश्राम| 
पूरे करलो अब सभी, छूट गए जो काम||
भोर सुहानी दे गई ,खुशिओं का पैगाम |
हर दिन ही लाये ख़ुशी ,करलो ऐसे काम ||