हमराही

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Friday, August 16, 2013

तेरी यादों से दिल बहला रहा हूँ [गजल]

तेरी यादों में खोया जा रहा हूँ

ये दिल पागल को मैं समझा रहा हूँ


तेरे नयना सुरा के हैं दो प्याले

तेरे नयनों में डूबा जा रहा हूँ


तेरा आना सबब कोई यक़ीनन

तेरे से मिलते ही घबरा रहा हूँ


मेरे ख्वाबों में जब से आ गए हो 

तेरी यादों से दिल बहला रहा हूँ


मेरे सजना अदा तेरी है कातिल

तेरी तालों पे नाचे जा रहा हूँ


तेरी खातिर ही हर चौखट झुका मैं

खुदा दर से दुआएं ला रहा हूँ

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