मुख्यपृष्ठ
मेरा परिचय
मेरे ब्लॉग
गुज़ारिश
आधारशिला
मेरी सच्ची बात
ॐ प्रीतम साक्षात्कार ॐ
मेरी रचनाएँ
दुर्गा
सपने
आइना
अहसास
दिले नादान
नज्म एवं नगमें
वीडिओ
अन्य
छंद
गजल
हाइकु
उत्सव
शुभकामनाएँ
हमराही
सुस्वागतम ! अपना बहुमूल्य समय निकाल कर अपनी राय अवश्य रखें पक्ष में या विपक्ष में ,धन्यवाद !!!!
Sunday, October 28, 2012
'' यह दिल इतना बेकरार क्यों है ? ''
यह दिल इतना बेकरार क्यों है ?
पाया था सब,पाया है सब,
फिर भी ना जाने क्या चाहे यह दिल
हंसते हंसते रोए,रोते रोते हंसदे
ना जाने क्या खोए,क्या जाए इसे मिल
लाख सुलझायो ना सुलझे यह उलझन
क्यों इतना बेचैन रहता है यह दिल
Post A Comment Using..
Blogger
Google+
1 comment :
Aditya Tikku
October 29, 2012 at 7:36 PM
badiya-***
Reply
Delete
Replies
Reply
Add comment
Load more...
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Tweet
t