हमराही

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Tuesday, November 12, 2013

पुरूष प्रधान समाज

यह पुरुष प्रधान समाज आज भी है वहीं का वहीं
चाहे हो बेटा,पति,दोस्त या भाई
इनका ATTITUDEआज भी है HIGH
उनको जो है करना वो है जिद्दी पक्के
तब ना देखें भावना या प्यार
कैसे करे कोई इन पर ऐतबार
घर की मुर्गी दाल बराबर इस पर हैं यह कायम,
रूठ कर इनसे कहाँ कोई जाए
प्यार के हथियार से झट ही मान जाए
कहते हैं 50% का कोटा है नारी के नाम
पर कहाँ हैं 50% नारी के अधिकार
जिनकी ये हैं वास्तव में हकदार
कभी इनसे भी पूछो,कब है जाना?कहाँ है जाना?
देदो इनको भी पूर्ण सम्मान
पूरे हो जाएँ इनके भी अरमान
कब तक चलेगी तुम्हारी ठेकेदारी
तुम्हारी है मर्ज़ी तो बात होगी
तुम जो चाहो तो मुलाकात होगी
तुम्हारे परेशान होने से वो हो जाए परेशान
50% का वादा जो निभाना है
संग इन पुरुषों के उसे जिंदगी बिताना है
इतिहास गवाह है,पुरुष प्रधान समाज का
न सीता,न राधा,न द्रौपदी,न मीरा ने चैन पाया
इस पुरुष ने उसे हर बार कठपुतली ही बनाया
काश कभी ऐसा हो जाए
यह पुरुष इस नारी की वारी जाए
यह संसार तब देखो स्वर्ग बन जाए
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