हमराही

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Thursday, August 7, 2014

कह मुकरिया

41.
साथ हमेशा मेरे आता 
अंधकार से डर छुप जाता 
देखो उसकी अद्भुत माया
क्यों सखि साजन ?
ना सखि साया 
42.
यौवन आते लगे जरूरी 
सह ना पाती उससे दूरी 
मुझको मिला वो ज्यों वरदान 
क्यों सखि साजन ?
नहीं मतदान 
43.
करता सभी की भूल सुधार 
सबको उससे हो गया प्यार 
ख़ुशी सदा दे जाता है वो 
क्यों सखि साजन ?
ना ओ बी ओ  
44.
सांझ सवेरे एक ही काम 
जपती रहती उसी का नाम
जीवन लागे उस बिन दुश्वर   
क्या सखि साजन ?
ना सखि ईश्वर 
45.
सोते जगते संग जरूरी 
उससे हो जाये जो दूरी  
जीवन आये फिर न रास 
क्या सखि साजन ?
ना सखी श्वास
46.
दिन रैना वो चैन चुराये  
पास गई तो प्यास बढ़ाये 
दूरी देख दिखाये नरमी 
क्या सखि साजन ?
ना सखि गरमी 
47.
कहें उसे किस्मत का मारा 
हर जीवन उसने संवारा 
बिन पैसे दिखता मजबूर 
क्या वही गरीब ?
नहीं मजदूर 
48.
मिले किसी को यह ना मोल 
इसे ना कोई सकता तोल 
जितना बांटो उतना बढ़ता 
क्या सखि प्यार ?
ना री ममता 
49
उसके आने का इंतज़ार 
करती रहूँ मैं बारम्बार 
हिया धड़काये उसका नाम 
क्या सखि साजन ?
ना परिणाम 
50
सपने सच वो करने आये 
सबके मन में घर कर जाये
राजनीति का बना नगेन्द्र 
क्या सखि नेता?
ना री नरेन्द्र  

क्रमशः ....