हमराही

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Saturday, July 11, 2015

सावन के झूले [कुण्डलिया]

सावन के झूले हुए, सभी पुराने खेल 
व्यस्त सभी हैं नेट पर, करते हैं ई मेल |
करते हैं ई मेल, भूल के गिल्ली डंडा 
भूले कुश्ती ,दौड़,नेट का आया फंडा 
दिन भर करते चैट,सभी रिश्ते हैं भूले 
सरिता कहती झूल, लगे सावन के झूले ||
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