हमराही
Showing posts with label चाँद. Show all posts
Showing posts with label चाँद. Show all posts
Thursday, October 5, 2017
Tuesday, July 14, 2015
ईद ,रमजान
खुशियों की सौगात ले,आई है जो ईद
बदली से चंदा निकल, सभी करेंगे दीद |
राम राम मैं भी कहूँ ,तू भी कह रहमान
गले मिलो रोजा करो,आई है रमजान |
रोजा उसको तुम कहो ,या कह दो उपवास
खुशियों के त्यौहार ही,लाते हैं दिन ख़ास |
कर्म मास है कर्म कर, व्रत करो सोमवार
रोजा रख रमजान है ,करना फिर इफ्तार |
व्रत करो सोमवार के, खुश होंगे भगवान
रोजा रख इफ्तार दे,आया है रमजान |
करो इबादत आज सब ,खुशियाँ लाई ईद
गले मिलो मिलजुल सभी,करो चाँद की दीद |
इफ्तारी के बाद ही ,सब बाँटो उपहार
बीता है रमजान जो ,करो चाँद दीदार |
भाई चारा ही बढे, करना कर्म महान
खुशियाँ सबको बाँटना,आया है रमजान |
पूरे रोजे जो हुए ,हुआ चाँद दीदार
गले मिलो मिलजुल रहो ,सबको बाँटो प्यार |
बाँटो सब अब सेवियाँ, तोड़ा जो उपवास
रोजे पूरे जो हुए ,मिले तोहफे ख़ास |
****
Subscribe to:
Posts (Atom)
