हमराही

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Monday, January 18, 2016

रूह के रिश्ते

रूह के रिश्ते 
होते हैं अजीब 
न समझो तो हैं दूर,
जो समझो तो हैं बहुत करीब

रूह के रिश्ते 
जो बिन देखे बन जाते हैं 
अगर जो न मिल पायें 
तो जीवन भर तड़पाते हैं 

रूह के रिश्तों  को तोड़कर 
हो पाता नहीं कोई गैर 
दूर चाहे जितना रहें 
मांगे सदा ही खैर 

रूह के रिश्ते 
जो बिन बाँधे बंध जाते हैं 
बनता है अटूट बंधन 
फिर तोड़े कभी ना जाते हैं 
...................

Wednesday, July 15, 2015

रिश्ते

रिश्ते खारे हो गए 
मिठास कहाँ से लाएं ?
कैसे कैसे जहर को 
अमृत हम बनायें ..
अपना कहते जो सभी 
झट से हुए पराये 
नए रिश्तों को कैसे समझें 
हमको कोई बताये ..
रिश्ते हैं अब 
थोड़े नमकीन 
थोड़े से हैं तीखे/फीके 
कैसे अपने बनें पराये 
इनसे आकर सीखें ..
इनके अपनेपन में 
अब न कोई दम है 
इसीलिए अब हर रिश्ते में 
चीनी थोड़ी कम है 
हाँ चीनी थोड़ी कम है ..
........................................................
रिश्ते कच्चे धागे हैं, इनको सुलझाने का 
हर संभव प्रयास जरूरी है ..

Sunday, March 30, 2014

रिश्ते [कुण्डलिया]

रिश्ते बनते प्यार से ,मत करना तकरार 
खुशियाँ बसती हैं यहाँ, चहक उठें परिवार |
चहक उठें परिवार, सभी जो मिलझुल रहते
मुश्किल करते दूर ,सुख दुःख मिलकर सहते
सुदृढ बने परिवार ,तो बसें वहाँ फरिश्ते 
तनिक न रहे खटास ,बनाना ऐसे रिश्ते ||
*****