हमराही

सुस्वागतम ! अपना बहुमूल्य समय निकाल कर अपनी राय अवश्य रखें पक्ष में या विपक्ष में ,धन्यवाद !!!!

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Tuesday, June 21, 2016

जो हम तुम मिले थे [ गजल ]


वो गुजरा जमाना जो हम तुम मिले थे 

है बीता फ़साना जो हम तुम मिले थे|

बदलना अँगूठी को इक दूसरे से 
वो दिन था सुहाना जो हम तुम मिले थे|


बिना तेरे सूने हैं दिन और रातें
न भूले जमाना जो हम तुम मिले थे|
वो करवे की थाली वो श्रृंगार सोलह
वो गजरा लगाना जो हम तुम मिले थे|

वो बिस्तर वो तकिया वो पायल है गुमसुम
सभी देते ताना जो हम तुम मिले थे |

जिये संग सरिता ने अनमोल लम्हे 
न आये भुलाना  जो हम तुम मिले थे|
.... 21 जून,2016.

Tuesday, December 22, 2015

यादें [ आज फिर...]

आज फिर 
दर्द हल्का है 
साँसें भारी हैं 
दिल अजीब सी कशमकश में है 
कोई गाड़ी छूट रही हो जैसे...

आज फिर  
दूर जा रहा है 
कोई अपना
मुझसे रूठकर 
मुझे बेजान करके....

आज फिर 
टूट गई हूँ मैं
कच्चे झोंपड़े सी
यादों की बारिश से...

आज फिर 
उदास है मन 
भीगी हैं पलकें
खोकर सुकून अपनेपन का ...
.............................................
बस जिए जाने की रस्म जारी है ...

Monday, September 14, 2015

यादें [मुक्तक]


लफ़्ज मेरे हैं भीग गए जब यादें बरसी सारी रात 
शहर तेरे भी आती होगी यादों वाली यह बरसात 
नव पल्लव सी मुस्काती थी शाखाएं जो तेरे संग 
सूखे पत्तों सी बिखरी हैं पाकर यादों का आघात ।
****

Friday, April 24, 2015

क्षणिकाएँ

जिंदगी के थपेड़ों ने
जब भी थका दिया मुझे
आ बैठी मैं
यादों के बरगद की छाँव में
सहलाया मुझे यादों ने
दे गईं
मन को असीम सुकून
आँखों से बहती पीर
..................
गिरगिट की तरह बदलती
मानवी संवेदनायें
कर जाती
मन को घायल
सुकून मिलता केवल
तेरी यादों की मरहम से
..............................

Wednesday, April 15, 2015

तेरी यादों का कारवाँ

जिंदगी के सफ़र में अकेली नहीं हूँ मैं ,
मेरे संग संग चलता है तेरी यादों का कारवाँ ....

***