हमराही

सुस्वागतम ! अपना बहुमूल्य समय निकाल कर अपनी राय अवश्य रखें पक्ष में या विपक्ष में ,धन्यवाद !!!!

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Tuesday, April 14, 2020

को रो ना सुझाव दोहे


मत छुओ मुख ,नाक, नयन, बार बार धो हाथ।
अभिवादन कर दूर से, हाथ जोड़कर साथ।।

मुख ढक खांसो, छींक लो, करो मनुज उपचार।
डॉक्टर को जाकर मिलो ,चढ़ता अगर बुखार।।

अब तुम मत लगना गले, नहीं मिलाना हाथ।
करो नमस्ते प्यार से, सब जन देकर साथ।।

बुरा ना मानो ,करोना है





Monday, August 7, 2017

रक्षाबंधन ( दोहे)


राखी कह या श्रावणी, पावन यह त्योहार।
कच्चे धागों से बँधा ,भाई बहन का प्यार।।

थाली लेकर शगुन की,बहन सजाये भोर।
रोली से टीका किया, बाँधी रेशम डोर।।

रेशम की ये डोरियाँ , कच्चे धागे चार।
सच्चा रिश्ता प्रीत का, निश्छल पावन प्यार।।

धागे कच्चे हैं मगर, लेकिन पक्की प्रीत।
बहना से भाई कहे, हम बचपन के मीत।।

राखी का त्योहार यह, बाँटे केवल नेह।
बेटी चल ससुराल से , आई बाबुल गेह।।

देते जो कुर्बानियाँ , होते हैं जाँबाज।
बाँधो उनको राखियाँ ,रखते हैं जो लाज।।

एक वचन मैं माँगती, भैया तुमसे आज।
रक्षा कर माँ बाप की, रखना कुल की लाज।।

देती हूँ भैया वचन, मैं भी तुमको आज।
सास ससुर माँ बाप सम, समझ करूँगी नाज।।

हरियाली चहुँ ओर है,धरा किया शृंगार।
रहे मुबारक आपका, राखी का त्यौहार।।
        7अगस्त,2017 सोमवार





Sunday, July 9, 2017

गुरु पूर्णिमा (दोहे)

गुरु पूर्णिमा 9 जुलाई, 2017
शुक्ल पक्ष आषाढ़ का,गुरु पूजा दिन खास।
लाई है गुरु पूर्णिमा,श्रद्धा और विश्वास।।

देकर गुरु को दक्षिणा,सदा निभाओ प्रीत।
जीवन के गुर जान कर, बनना सच्चे मीत।।

नमन करो हर रोज ही,जो गुरु मानो आप।
गुरु की महिमा जान लो ,गुरु दूजे माँ,बाप।।

जन्म दिया माँ बाप ने, देकर शुभ संस्कार।
गुरु सँवारता ज्ञान से,  देकर उच्च विचार।।

नमन करें गुरु आपको, देना आशीर्वाद।
ज्ञान,मान, सम्मान पा, ह्रदय खिले आह्लाद।।

मम हार्दिक शुभकामना, करो आप स्वीकार।
आई
    ........ सरिता यश भाटिया ..........

Sunday, July 2, 2017

बेटी,बेटा, बहू (दोहावली)

किया बुढ़ापे के लिये, सुत लाठी तैयार।
बहू उसे लेकर गई, बूढ़े ताकें द्वार।।

बहू किसी की है सुता, भूले क्यों संसार।
गेह पराये आ गई ,करो उसे स्वीकार।।

किया बुढ़ापे के लिये, बेटा सदा निवेश।
पर धन बेटी साथ दे , बेटा गया विदेश।।

बहू अगर माँ मान ले ,बोझ लगे ना सास।
घुलमिल ही परिवार में ,रिश्ता बनता खास।।

सुघड़ बनें रिश्ते सदा, तभी समझ लो आप।
सास ससुर को जब बहू  ,समझेगी माँ बाप।।

बेटी दो घर जोड़ती, बेटी है संस्कार।
बहू बने बेटी अगर, सुखी रहे परिवार।।

आँख खुली इंतज़ार में,लिये मिलन की आस।
वृद्धाश्रम में ले रही ,मात आखिरी श्वास।।
 .. 2जुलाई,2017

Wednesday, August 17, 2016

रक्षाबंधन [दोहावली]


छुट्टी ले भाई गया ,राखी का त्यौहार 
भाई बहना हैं मिले, निश्चल पावन प्यार |

कैसे भला निभा सके, राखी का त्यौहार 
छूट गई है नौकरी ,महँगाई की मार |

राखी का त्यौहार है, सजे हुए बाजार 
बहना धागा बाँधती ,भाई करे दुलार ||

रंग बिरंगी राखियाँ ,कहती सदा पुकार 
कच्चे धागों में बंधा ,निश्चल पावन प्यार ||

रेशम की ले डोरियाँ, बहना बाँधे प्यार 
करती भाई को तिलक, राखी का त्यौहार |

कच्चा धागा प्रेम का ,लाया पक्की प्रीत 
टीका करती है बहन ,वीर निभाना रीत | 

निश्चल पावन भावना ,नेह भरी है डोर 
रक्षा करता बहन की ,मनवा नाचे मोर |
9 अगस्त, 2014.

Saturday, August 13, 2016

सावन दोहे

भीगा भीगा है समय,पहली है बरसात।
मानसून लो आ गया ,भीगे हैं जज्बात।।


सारी धरती खिल उठी ,खुश है आज विशेष 
सावन की बौछार से ,रहा नहीं दुख शेष ||

चमक दामिनी देखती ,धरती का क्या हाल 
सूखा कुछ अब ना रहा , बरखा किया निहाल ||

अन्नदाता किसान के, नैनों में थी पीर  
माल पुए के संग में ,बनी आज है खीर ||


आया सावन झूम के, नम है आज बयार
धरती का आँचल खिला,मिला उसे विस्तार ||

सावन देखो आ गया, लेकर शीतल भोर |
आँचल वसुधा का खिला ,हरियाली चहुँ ओर||
6अगस्त, 2016.

Wednesday, August 3, 2016

रिश्ते हैं सब नाम के [दोहावली]


पति पत्नी यूँ आजकल, करते हैं गुड फील।

रिश्ते हैं सब नाम के, होती केवल डील।।

बेटा कहता बाप से ,फ्यूचर मेरा डार्क। 
रास न आये इण्डिया ,जाना है न्यूयार्क।।

बेटी कहती माँ सुनो,तुम तो रही गँवार।
पढ़ लिख कर हम क्यों भला ,समय करें बेकार।।

मात पिता देते सदा,जिनको आशीर्वाद।
वृद्धाश्रम वो भेजती ,नालायक औलाद।।

छः बच्चे भी पालकर, करते थे तब राज।
एक एक बच्चा अभी ,माँ बाप मोहताज।।
5 जुलाई,2016..

Friday, July 29, 2016

सूखा आषाढ़ दोहे

ईश्वर की लीला अगम , कैसा यह आषाढ़ 
सूखा देखा है कहीं, और कहीं है बाढ़ |१|

सूखा बीता जेठ है, सूखा है आषाढ़ 
हलधर चाहे मेघ से ,रहम नेह की बाढ़ |२|

मेघा दिखते ना कहीं, तक तक सूखे नैन 
सूरज छुप जा तू कहीं, मिले ह्रदय को चैन |३|

हरियाली गायब हुई , गायब है बौछार 
मोर नहीं है नाचता, कृषक बैठा हार |४|

छलनी सीना जेठ ने ,किया धरा को चीर  
भूमिपुत्र है सोचता, कौन हरेगा पीर |५|

सोंधी सोंधी महक से, माटी महके आज 
बिन मेघा के नेह के, कैसे उगे अनाज |६|

निद्रा से उठे मेघ हैं, टूटी लम्बी तान 
सारी धरती खिल उठी ,तृप्त हुई कर पान |७|

घनन घनन बदरा घिरे, ऋतु रानी जब आय 
हरियाली की ओढ़नी , पहन धरा मुसकाय|८|

कजरारे घन देख के, झूम उठा किसान 
भर भर घट खाली करो, खूब उगेगी धान |९|

घन की गगरी है भरी, देख किसान प्रसन्न 
मेघों की बूँदें लगें, ज्यों हो बरसा अन्न |१०|

पींगें हैं सजने लगी, गूंज उठे मल्हार 
इंतजार गोरी करे ,कर सोलह शृंगार |११|

नैना तरसे हैं सजन, ह्रदय हुआ बेचैन 
सावन बीता जा रहा, आ जा तर कर नैन |१२|

Saturday, June 18, 2016

आरक्षण


आरक्षण का भूत फिर,लाया है भूचाल।
भूले सब इंसानियत, बुनते हैं नित जाल।। 


आरक्षण की रेवड़ी ,ले घूमें चहुँ ओर |
मौसेरे भाई सभी ,और सभी हैं चोर || 


भारत मेरा जल रहा , कैसा मचा बवाल।
नेता देखें वोट को ,जनता है बेहाल।।

आरक्षण के नाम से,बाँटो मत अब देश |
यहाँ बसें इंसान सब,लिए अलग परिवेश ||

आरक्षण दिव्यांग को,या दो किसी अनाथ।
जात धर्म को छोड़कर ,दो गरीब का साथ।।
*****



Monday, March 28, 2016

धोनी ,विराट {दोहावली }


भारत की इस टीम केे,क्या कहने क्या ठाट।

सचिन विरासत दे गए,धोनी और विराट ।|

अपनी भारत टीम के,देख लिए अब ठाट।
सेमी फाईनल में गई, केवट बने विराट।|

अपनी भारत टीम के,देखेंगे तब ठाट।
फाईनल में हो इण्डिया, केवट बनें विराट|।

धोनी विराट संग हैं, यह जोड़ी बेजोड़ |
मिले बधाई आपको, दुआ करो कर जोड़ ||

कप्तानी धोनी करें ,दहाड़ रहे विराट |
कंगारू बिल में घुसे,देख शेर के ठाट ||



Sunday, February 21, 2016

" देख समय की चाल " दोहावली




शनि-रवि (20-21 फरवरी)
सारा भारत जल रहा, देख समय की चाल।
सभी देशद्रोही करें, चारों ओर बवाल।।

आरक्षण का भूत है ,लाया फिर भूचाल।
खोकर सब इंसानियत , खेंच रहे हैं खाल।।

मौसम करवट ले रहा, देख समय की चाल।
डॉक्टर चाँदी काटते , अंदर करते माल।।

बकरा भी है सोचता, देख समय की चाल।
कभी पूजते हैं उसे ,करते कभी हलाल।।

देख समय की चाल को,खुद को लेना ढाल।
बहक कहीं जाना नहीं, यह दुनिया जंजाल ।।

नस नस में फैला जहर ,देख समय की चाल।
कंकर हो तो ढूंढ ले, काली सारी दाल ।।

Thursday, January 7, 2016

छल, कपट [दोहे]


फितरत में जिनकी कपट, छलते हैं हर रोज ।
चाहे गंगाराम हो, चाहे राजा भोज।|

गद्दारी है खून में, नियत सदा  नापाक ।
गले मिला घोंपी छुरी,देश पड़ोसी पाक।।


जयचंदों ने जब छला ,बेच दिया ईमान।
मातृभूमि पर मिट गए, मेरे वीर जवान ।।

ओढ़ तिरंगे का कफ़न,चले गए ये लाल।
कंगन,पायल, मेंहदी ,रोते करें सवाल।।

शान तिरंगे की लिए, खोये हमने वीर।
कहे मेंहदी हाथ में,दे दो अब शमशीर।।

सुता एक जवान की ,पूछे आज सवाल।
फौजी अपने देश का, क्यों हो सदा हलाल?

कर्ज उतारा देश का,देकर अपना खून
नमन करो औ' सीख लो ,मरने का जूनून ।।

Wednesday, October 28, 2015

नवरात्रि दोहावली 2.


भाग 1.

पंचम दुर्गा रूप को ,कहें स्कन्ध की मात।
मोक्ष द्वार होता सुलभ,दर्शन जब हो जात।।
मानव चोला है कठिन ,करना नहीं ग़ुरूर।
उपासना माँ की करो,यश बल मिले जरूर।।




छठा रूप कात्यायनी ,करो प्रेम से भक्ति।
रोग द्वेष को नष्ट कर ,देती है माँ शक्ति।।
माँ के शक्ति रूप का,करो ह्रदय से ध्यान।
मनोकामना पूर्ण हो ,मिले मान सम्मान।।



कालरात्रि माँ सातवीं ,करे काल का नाश।
फलित होय शुभ साधना,भय का होय विनाश।।
रंग बिरंगी चुनरियाँ ,सजा हुआ दरबार।
वैर भाव को छोड़कर ,पा लो माँ का प्यार।|



रूप महागौरी धरा ,वर्ण पूर्णता गौर।
संभव होते कार्य सब,जब पहुँचें माँ ठौर।।
माँ चरणों में बैठकर ,शुरू किये उपवास।
देना आशीर्वाद माँ ,आया तेरा दास।।
...........................................



नवरात्रि दोहावली 1.

रूप शैलपुत्री धरो ,मात विराजो आज।
मन से करते अर्चना , पूरण करना काज।।
प्रथम दिवस नवरात्र का ,आश्विन का है मास ।
तन मन निर्मल नित करो,शुरू हुए उपवास।।


माँ दुर्गा का दूसरा, ब्रह्मचारिणी रूप।
फूल चढ़ा अर्चन करो , लिए साथ में धूप।।
निर्मल चित से ध्यान कर ,लो चरणों की धूल।
सभी दुआयें आपकी, मैया करे कुबूल।।

दुर्गा जी का तीसरा , उज्ज्वल हैअवतार।

अर्ध चंद्र माथे सजा,घंटे काआकार।।
दमक रही माँ चमक से ,अद्भुत माँ का रूप।
मुक्त रखे हर कष्ट से ,माँ का शांति स्वरुप।।



करो शक्ति आराधना,शोक रोग हों नष्ट।।

कूष्माण्डा देवी हरे ,सब जीवन के कष्ट।
बुरे विचारों का सदा ,करो मनुज उपवास।
अच्छाई की होड़ कर,बनना माँ का दास।।

Friday, October 9, 2015

बेटे अभिषेक के जन्मदिवस पर सप्रेम दोहावली

एक बरस के बाद फिर, अक्टूबर  का मास।

जन्मदिवस पर आपके ,खुशियाँ लाया खास।।

रहो दुआओं में सदा , पाओ आशीर्वाद ।
खुशियों से झोली भरे,रहो सदा आबाद।।

माँ की ममता का मिले ,उचित तभी ईनाम ।
कुल के दीपक तुम बनो ,करो जगत में नाम।।
माँ बेटे का इस जग में ,बन्धन है बेजोड़ ।
ईश्वर आशीर्वाद लो ,नमन करो कर जोड़।।





पुलकित ,गर्वित, मानसी ,हर्ष ,अकुल के साथ।
चलो सदा 'अभिषेक' तुम,थामे उनका हाथ।।
मुस्काते रहना सदा , तुम जीवन पर्यन्त।
सुखों की बरसात हो और दुखों का अंत ।।




*****


Thursday, October 8, 2015

समय [दोहावली]

सुख में देते साथ सब ,दुख में तोड़ें प्रीत |
दुख में देते साथ जो ,वो ही सच्चे मीत ||

जीवन में रहता नहीं ,समय सदा अनुकूल |
धीरज धरना तुम अगर, समय मिले प्रतिकूल ||

समय फिसलती रेत है, मुट्ठी चाहे बंद 
हाथ धरे बैठा रहा, किन्तु समय पाबंद ||

दिन बदले है समय से ,रात समय अनुसार 
नफरत बाँटे यह कभी, कभी बाँटता प्यार ||

Thursday, September 17, 2015

पर्यूषण पर्व [दोहे]

पर्यूषण दोहे 
पर्यूषण का पर्व है ,रोज भजो नवकार |
अंतरमन को शुद्ध कर ,होंगे दूर विकार ||

महामंत्र नवकार है ,सुनना सुबह शाम |
सबसे अच्छे पर्व का, पर्यूषण है नाम ||

आठ दिनों तक जैन सब , करते हैं उपवास |
देता है शुभ प्रेरणा ,सदा भाद्रपद मास ||

'अटाई' के पर्व में ,करें नित्य उपवास |
पूजा औ आराधना , नित्य कर्म हैं ख़ास ||

हरना सबकी पीर को, तुम नाथों के नाथ |
मनोकामना पूर्ण हो ,सब की पार्श्वनाथ ||

अपराधी को माफ़ कर ,बनना सदा उदार |  
दंड,वैर सब छोड़कर , मन का करो सुधार ||


क्षमापना का दिवस है , करो वैर का अन्त |
दिल को रखना साफ़ तुम,कह गए साधु संत ||

आत्मा अपनी शुद्ध कर, छोड़ो द्वेष,असत्य |
सर्व धर्म समभाव का ,कथन तभी हो सत्य ||

संयम चिंतन नित्य कर ,औ' निर्जल उपवास 
तन मन अपना शुद्ध कर ,आया है दिन खास ||

जीयो जीने दो सदा ,अगर मनुज हो आप 
अहिंसा है परम धरम , हिंसा केवल पाप ||

Sunday, August 30, 2015

हर्ष के जन्मदिन पर सप्रेम [दोहे]

खुशियों से दामन खिला, हुआ सुखद अहसास 
हर्ष जन्मदिन आपका, ममता का दिन ख़ास ||
सुख से बीती रैन है ,खुशियाँ लाई भोर 
ममता बंधन प्रेम का ,यह है पक्की डोर ||
नाम ऊँचा जग में करो ,बनी रहे यह शान 
खिलते पुष्पों की तरह, खिले सदा मुस्कान ||
ईश्वर का तुम साथ ले ,करना सदा कमाल 
मिले दुआयें आपको ,रहो सदा खुशहाल |
हर मुश्किल आसान हो ,पाकर सबका साथ 
आगे बढ़ते ही चलो ,लिए हाथ में हाथ ||







30 अगस्त,2015.



*****

Tuesday, August 25, 2015

आरक्षण [दोहे]


आरक्षण की मांग ले ,आया पाटीदार 
साथ युवाओं को लिया ,बना आज सरदार ।
आरक्षण तो चाहिए ,कहता एक पटेल
सकते में सरकार भी ,बना रहा है रेल |
हमें हमारा चाहिए ,हक़ से सब सम्मान 
वरना आता छीनना ,जागा हिंदुस्तान |


भीख नहीं हक़ माँगते ,कहता एक पटेल
खेलो नेताओ नहीं ,अभी सियासी खेल |
सिख ,ईसाई ,जैन या ,मुस्लिम, पाटीदार 
आरक्षण सब को मिले,मगर आय अनुसार | 

Saturday, August 1, 2015

कलाम दोहावली

कहो मिसाइल मैन तुम ,चाहे कहो कलाम
सारी दुनिया कर रही ,उनको आज सलाम || 

सादा उनका वेश था, मुखड़े पे मुस्कान 
दुनिया झुकती है अगर ,कर्म बनें पहचान ||

जीवन में करते चलो,अंतिम क्षण तक काम 
जैसे वीर कलाम ने, किया न कभी विश्राम ||

जीवन था सादा सरल,मन में उच्च विचार 
भेदभाव से दूर रह, पाया सबसे प्यार ||

सच्चा था इन्सान जो,कहते उसे कलाम
भारत माँ का है किया ,जग में ऊँचा नाम ||

कहें मिसाइल मैन को ,भारत रत्न कलाम 
पाकर इस सम्मान को ,अमर किया खुद नाम ||

एक सलामी आखिरी, देने को बेताब 
भारत माँ के पूत को, उमड़ा है सैलाब ||
****