हमराही
Showing posts with label मिट्टी. Show all posts
Showing posts with label मिट्टी. Show all posts
Wednesday, September 9, 2015
Thursday, February 19, 2015
मिट्टी के खिलौने
मन बच्चा है बहलाने को
मिट्टी के खिलौने बनायें
किसी के सिर पर रखकर चोटी
किसी के माथे तिलक लगायें
किसी के मुँह पर लगा के दाढ़ी
किसी को सुन्दर साड़ी पहनायें
किसी के सिर पर रखकर टोपी
किसी के सिर पगड़ी पहनायें
काश मानव हो मिट्टी के खिलौने
मौला, पंडित ,फादर ,भाई
गूँथ इन्हें सबको मिलायें
मिली जुली इस मिट्टी से फिर
नए नए आकार बनायें
दाढ़ी किसी की चोटी बन जाये
चोटी में दाढ़ी छुपायें
टोपी किसी की पगड़ी बन जाये
पगड़ी में टोपी छुपायें
किस्में कितना कौन छुपा है
कौन बताये कौन बताये
भेदभाव सारे मिट जायें
आओ सच्चा मानव बनायें
इंसानों में इंसानियत जगायें
*****
Tuesday, September 2, 2014
मिट्टी [कुण्डलिनी]
मिट्टी को कुम्हार ने ,दिए कई आकार
गुलदान,घड़ा, घोलकें ,डिब्बे हुक्का तैयार
डिब्बे हुक्का तैयार ,खड़ा है हाथी घोड़ा
मिट्टी पाया रूप , लगा उसे जो हथौड़ा
..............................
Subscribe to:
Posts (Atom)
