मुख्यपृष्ठ
मेरा परिचय
मेरे ब्लॉग
गुज़ारिश
आधारशिला
मेरी सच्ची बात
ॐ प्रीतम साक्षात्कार ॐ
मेरी रचनाएँ
दुर्गा
सपने
आइना
अहसास
दिले नादान
नज्म एवं नगमें
वीडिओ
अन्य
छंद
गजल
हाइकु
उत्सव
शुभकामनाएँ
हमराही
सुस्वागतम ! अपना बहुमूल्य समय निकाल कर अपनी राय अवश्य रखें पक्ष में या विपक्ष में ,धन्यवाद !!!!
Showing posts with label
विदाई
.
Show all posts
Showing posts with label
विदाई
.
Show all posts
Wednesday, June 7, 2017
"डोली"
डोली तो उठी थी
दो सुहागनों की
चार चार कंधों पर
फूलों से लदी
लाल जोड़े में सजी
सोलह श्रृंगार किये..
लेकिन
एक विदा हो रही थी
एक अलविदा हो रही थी
...सरिता यश भाटिया...
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)