हमराही

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Monday, August 7, 2017

रक्षाबंधन ( दोहे)


राखी कह या श्रावणी, पावन यह त्योहार।
कच्चे धागों से बँधा ,भाई बहन का प्यार।।

थाली लेकर शगुन की,बहन सजाये भोर।
रोली से टीका किया, बाँधी रेशम डोर।।

रेशम की ये डोरियाँ , कच्चे धागे चार।
सच्चा रिश्ता प्रीत का, निश्छल पावन प्यार।।

धागे कच्चे हैं मगर, लेकिन पक्की प्रीत।
बहना से भाई कहे, हम बचपन के मीत।।

राखी का त्योहार यह, बाँटे केवल नेह।
बेटी चल ससुराल से , आई बाबुल गेह।।

देते जो कुर्बानियाँ , होते हैं जाँबाज।
बाँधो उनको राखियाँ ,रखते हैं जो लाज।।

एक वचन मैं माँगती, भैया तुमसे आज।
रक्षा कर माँ बाप की, रखना कुल की लाज।।

देती हूँ भैया वचन, मैं भी तुमको आज।
सास ससुर माँ बाप सम, समझ करूँगी नाज।।

हरियाली चहुँ ओर है,धरा किया शृंगार।
रहे मुबारक आपका, राखी का त्यौहार।।
        7अगस्त,2017 सोमवार





Wednesday, August 24, 2016

राखी [कुण्डलिया]

कहती बहना वीर से , ह्रदय रखो ना खोट 
जल्दी लगवाओ तिलक, और दिखाओ नोट |
और दिखाओ नोट, फ़ोन है लेना भैया 
व्हाट्सएप्प उसमें चले ,पार लगे तभी नैया 
चैट करें सब दोस्त , देखती उनको रहती 
भैया सुनो गुहार ,प्यार से बहना कहती |

कच्चा धागा प्रेम का ,लाया पक्की प्रीत 
टीका करती है बहन ,गाकर राखी गीत 
गाकर राखी गीत ,बहन ने बाँधा धागा  
मन में पावन भाव , यूँ सोने पे सुहागा 
नेह भरी यह डोर , बाँधती रिश्ता सच्चा 
लाया सच्ची प्रीत ,प्रेम का धागा कच्चा ||
9 अगस्त, 2014.

Wednesday, August 17, 2016

रक्षाबंधन [दोहावली]


छुट्टी ले भाई गया ,राखी का त्यौहार 
भाई बहना हैं मिले, निश्चल पावन प्यार |

कैसे भला निभा सके, राखी का त्यौहार 
छूट गई है नौकरी ,महँगाई की मार |

राखी का त्यौहार है, सजे हुए बाजार 
बहना धागा बाँधती ,भाई करे दुलार ||

रंग बिरंगी राखियाँ ,कहती सदा पुकार 
कच्चे धागों में बंधा ,निश्चल पावन प्यार ||

रेशम की ले डोरियाँ, बहना बाँधे प्यार 
करती भाई को तिलक, राखी का त्यौहार |

कच्चा धागा प्रेम का ,लाया पक्की प्रीत 
टीका करती है बहन ,वीर निभाना रीत | 

निश्चल पावन भावना ,नेह भरी है डोर 
रक्षा करता बहन की ,मनवा नाचे मोर |
9 अगस्त, 2014.