हमराही

सुस्वागतम ! अपना बहुमूल्य समय निकाल कर अपनी राय अवश्य रखें पक्ष में या विपक्ष में ,धन्यवाद !!!!

Sunday, March 9, 2014

यह दिल

यह दिल बड़ी अजीब शय है 


खुश हो तो 
बहकता है 
चहकता है 
महकता है 
उछलता है 
मचलता है 
टूटता है तो 
हो जाता बेदर्द 
देता इंतहा दर्द 
कर देता सर्द 
खो जाता चैन 
कर देता बेचैन 
हर दिन हर रैन 
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Wednesday, March 5, 2014

तुम बिन प्रिय

कुछ कम रोशन है रोशनी तुम बिन
बरसात कम है गीली तुम बिन
हवाओं में खुश्बू नहीं है तुम बिन
चाँद की कम है चाँदनी तुम बिन
सूरज करे ना उजाला तुम बिन
घर बन गया मकान है तुम बिन
भंवरे नही हैं गुनगुनाते तुम बिन
थम सा गया है वक्त तुम बिन

पर मेरी हर ख्वाहिश है तुम से
पर अब भी हर सांस में बसे हो तुम
हर धड़कन में आवाज़ है तुम्हारी
हर पल जैसे छू जाते हो दिल को
हर आहट में अहसास है तुम्हारा

पीछे से आकर 
आँखें बंद करते हो
और पूछते हो ,
कौन हूँ मैं?
तुम वोही हो, 
जिसके होने से
चाँद की चाँदनी,
हवाओं की खुश्बू
सूरज का उजाला,
भंवरों का गुंजन,
घर का अहसास 
और 
सबसे ऊपर
जिसके होने से 
मैं हूँ, ,पगले !
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Monday, March 3, 2014

बिटिया

बिटिया ना अपनी हुई ,कैसा रहा विधान 
राजा हो या रंक की, बिटिया सभी समान ।
बिटिया सभी समान ,रहेंगी सदा बेगानी
छोड़ेगी वो गेह, रीत पड़ेगी निभानी 
चाहे गेह अमीर या, रही गरीब की कुटिया 
सरिता कहती मान, पराई होती बिटिया।।
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Sunday, March 2, 2014

करते खुद से प्यार [कुण्डलिया]

करते खुद से प्यार तो जीना हो आसान 
काहे उलझो मोह में खुद को लो पहचान /
खुद को लो पहचान आशा स्वयं से करना 
बाधा रहें हजार उनसे नहीं तुम डरना  
सरिता कहती मान ईश हैं संकट हरते 
जाना जिनको पार वो भजन प्रभु का करते 
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Thursday, February 27, 2014

शिवरात्रि दोहावली


फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, महाशिवरात्रि पर्व 
उत्सव भारत देश का, हम सब करते गर्व 

फाल्गुन में शिवरात का, होता पर्व विशेष 
फुहार से रंगों भरी, मिटाओ गिले द्वेष 

मध्यरात अवतरित हो, धरा रूप सारंग 
सर्प हार डाले गले, रमे भस्म से अंग

रूद्र रूप को देख के, भर लो ह्रदय उमंग
मिलन दिवस शिव शक्ति का, लो मना प्रेम संग 

मिले सदा ही आपको, शिव का आशीर्वाद 
शिव के नित उपवास से, मिले दुआ प्रसाद 

 बेलपत्र धतूर से, करना कर्म विशेष 
महाशिवरात्रि पर्व की, शुभकामना अशेष 
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Tuesday, February 25, 2014

मेरा विश्वास

जब सब कुछ था 
मेरे पास 
जो 
जीने के लिए काफी था
तुम्हारा प्यार, 
तुम्हारा साथ,
तुम्हारा समय 
तुम्हारा विश्वास 
हमारा साहस 
यही सब 
मेरी बहुमूल्य पूंजी थी 
वो 
उड़ान भरते  
सुनहरे सपने 
जो 
हम दोनों ने कभी देखे थे 
दुनिया 
अपने कदमों में थी 
तो किसकी लगी नज़र ?
जो छूटा ...
तुम्हारा प्यार 
तुम्हारा साथ 
क्यों रुकीं 
वो सांसें 
वो जिन्दगी 
टूटीं उम्मीदें 
टूटे सपने 
और 
साथ ही 
टूट गया 
मेरा भरोसा 
मेरा साहस 
शायद 
नहीं नहीं 
नहीं कभी नहीं 
खोयेगा 
मेरा धैर्य 
मेरा विश्वास 
नहीं टूटेगा 
मेरा साहस  
क्योंकि 
तुम 
हाँ तुम हो 
हमेशा मेरे साथ 
मेरी हिम्मत बन 
दोगे मुझे प्रेरणा 
आगे बढ़ने की 
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मधुमास प्यार [कुण्डलिया]

आया जो मधुमास है मन में भरी उमंग 
प्यार हिलोरें ले रहा अब प्रीतम के संग / 
अब प्रीतम के संग उड़ी पतंग रंगीली 
खुश है वसुधा आज ओढ़ के चुनरी पीली
बौराए हैं आम गीत कोयल ने गाया 
ह्रदय भरा उल्लास ज्यों ही मधुमास आया // 
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