हमराही

सुस्वागतम ! अपना बहुमूल्य समय निकाल कर अपनी राय अवश्य रखें पक्ष में या विपक्ष में ,धन्यवाद !!!!

Thursday, March 31, 2016

भारत माता की जय बोलो

अपने मन की गिरहें खोलो

भारत माता की जय बोलो


मातृभूमि की शान बनो तुम

देखो ना हैवान बनो तुम 
बंद पड़े जो ताले खोलो
भारत माता ...


वीर शिवा सुभाष की धरती

भगत औ' अशफाक की धरती
जब भी बोलो पहले तोलो
भारत माता ...


एक धरा के हम रखवाले

संग रहो सारे घरवाले
इधर उधर मत तुम अब डोलो 
भारत माता ...


सुन ओबैसी सुन कन्हैया

भारत माँ तेरी भी मैया 
जहर फिज़ा में अब मत घोलो
भारत माता ...

Monday, March 28, 2016

धोनी ,विराट {दोहावली }


भारत की इस टीम केे,क्या कहने क्या ठाट।

सचिन विरासत दे गए,धोनी और विराट ।|

अपनी भारत टीम के,देख लिए अब ठाट।
सेमी फाईनल में गई, केवट बने विराट।|

अपनी भारत टीम के,देखेंगे तब ठाट।
फाईनल में हो इण्डिया, केवट बनें विराट|।

धोनी विराट संग हैं, यह जोड़ी बेजोड़ |
मिले बधाई आपको, दुआ करो कर जोड़ ||

कप्तानी धोनी करें ,दहाड़ रहे विराट |
कंगारू बिल में घुसे,देख शेर के ठाट ||



Friday, March 25, 2016

आओ खेलें होली

आओ खेलें होली ,आओ खेलें होली 
फिर से खेलें होली ,वही पुरानी होली


हर घर में फिर से गूँजेगी
इंकलाब की बोली 
आओ खेलें होली ,आओ...


रंग बसंती पहन के निकली 
है मस्तों की टोली 
आओ खेलें होली , आओ...


हरा केसरी श्वेत रंग ले 
तू भी आ हमझोली 
आओ खेलें होली , आओ...



दंभ,द्वेष औ अकड़ जलाकर 
प्यार  की भर लो झोली 
आओ खेलें होली , आओ...


जात पात और वैर भाव की 
उठने दो अब डोली 
आओ खेलें होली , आओ...


राजगुरु, सुखदेव, भगत की
याद करो अब बोली
आओ खेलें होली ,आओ खेलें होली
फिर से खेलें होली ,वही पुरानी होली 
..........सरिता यश भाटिया..........

Wednesday, March 16, 2016

मेरा शौक

मन तो करता है
uninstall कर के
दुख, दर्द और विरह 
install कर दूँ
सुख ,प्यार और मिलन का
unlimited plan 
तेरी जिंदगी में 
मैं भगवान् तो नहीं 
पर दिलों को जीतना 
ख़ुशी ख़ुशी उनके लिए 
सब हार जाना 
शौक है मेरा
.....................................

Sunday, February 21, 2016

" देख समय की चाल " दोहावली




शनि-रवि (20-21 फरवरी)
सारा भारत जल रहा, देख समय की चाल।
सभी देशद्रोही करें, चारों ओर बवाल।।

आरक्षण का भूत है ,लाया फिर भूचाल।
खोकर सब इंसानियत , खेंच रहे हैं खाल।।

मौसम करवट ले रहा, देख समय की चाल।
डॉक्टर चाँदी काटते , अंदर करते माल।।

बकरा भी है सोचता, देख समय की चाल।
कभी पूजते हैं उसे ,करते कभी हलाल।।

देख समय की चाल को,खुद को लेना ढाल।
बहक कहीं जाना नहीं, यह दुनिया जंजाल ।।

नस नस में फैला जहर ,देख समय की चाल।
कंकर हो तो ढूंढ ले, काली सारी दाल ।।

Monday, January 18, 2016

रूह के रिश्ते

रूह के रिश्ते 
होते हैं अजीब 
न समझो तो हैं दूर,
जो समझो तो हैं बहुत करीब

रूह के रिश्ते 
जो बिन देखे बन जाते हैं 
अगर जो न मिल पायें 
तो जीवन भर तड़पाते हैं 

रूह के रिश्तों  को तोड़कर 
हो पाता नहीं कोई गैर 
दूर चाहे जितना रहें 
मांगे सदा ही खैर 

रूह के रिश्ते 
जो बिन बाँधे बंध जाते हैं 
बनता है अटूट बंधन 
फिर तोड़े कभी ना जाते हैं 
...................

Thursday, January 7, 2016

छल, कपट [दोहे]


फितरत में जिनकी कपट, छलते हैं हर रोज ।
चाहे गंगाराम हो, चाहे राजा भोज।|

गद्दारी है खून में, नियत सदा  नापाक ।
गले मिला घोंपी छुरी,देश पड़ोसी पाक।।


जयचंदों ने जब छला ,बेच दिया ईमान।
मातृभूमि पर मिट गए, मेरे वीर जवान ।।

ओढ़ तिरंगे का कफ़न,चले गए ये लाल।
कंगन,पायल, मेंहदी ,रोते करें सवाल।।

शान तिरंगे की लिए, खोये हमने वीर।
कहे मेंहदी हाथ में,दे दो अब शमशीर।।

सुता एक जवान की ,पूछे आज सवाल।
फौजी अपने देश का, क्यों हो सदा हलाल?

कर्ज उतारा देश का,देकर अपना खून
नमन करो औ' सीख लो ,मरने का जूनून ।।