हमराही

सुस्वागतम ! अपना बहुमूल्य समय निकाल कर अपनी राय अवश्य रखें पक्ष में या विपक्ष में ,धन्यवाद !!!!

Tuesday, September 9, 2014

रामराज्य [कुण्डलिनी]

राम राज्य की कल्पना होने को साकार 
अच्छे दिन हैं आ गए अब मोदी सरकार 
अब मोदी सरकार ,शुभ आगाज है लाई 
होगा युग बदलाव फिजा में खुशबू छाई  
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Monday, September 8, 2014

नदिया के तीर [कुण्डलिनी]

इक नदिया के तीर दो, जैसे चलते साथ 
मिलन असंभव है मगर, रहे हाथ में हाथ |
रहे हाथ में हाथ ,दुःख सुख ऐसे बाँटें  
होता सच्चा प्यार ,फूल बनें तभी काँटें |
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Friday, September 5, 2014

शिक्षक

माली छात्र जीवन का बनकर ,
भिन्न भिन्न फूल खिलाये शिक्षक |

रंग बिरंगे फूल खिलाकर 
महके और महकाये शिक्षक |

कच्चे घड़े को स्वरूप देकर 
आधार हमारा बनाये शिक्षक |

अपार सम्पदा ज्ञान की देकर 
कर्तव्य अपना निभाये शिक्षक |

अच्छे बुरे का फर्क बताकर 
सच्ची राह दिखाये शिक्षक |

कैसे जीना समाज में रहकर 
इस योग्य बनाये शिक्षक |

स्नेह सरिता की धारा बनकर 
नैया पार लगाये शिक्षक |
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Tuesday, September 2, 2014

मिट्टी [कुण्डलिनी]

मिट्टी को कुम्हार ने ,दिए कई आकार 
गुलदान,घड़ा, घोलकें ,डिब्बे हुक्का तैयार 
डिब्बे हुक्का तैयार ,खड़ा है हाथी घोड़ा 
मिट्टी पाया रूप , लगा उसे जो हथौड़ा 
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Monday, September 1, 2014

गणपति दोहावली

गणपति का अवतरण दिन,शुक्ल भाद्रपद मास 
गौरी पुत्र गणेश का ,यह उत्सव है ख़ास 

माँ गौरी की मैल से ,पैदा हुए गणेश 
ब्रह्मा विष्णु महेश ने ,माना उसे गणेश 

गौरी नंदन प्रकट भये ,धूम मची चहुँ ओर 
जगमग जगमग जग भया , भई रात में भोर 

घर घर में छाई हुई, शुभ उत्सव की धूम 
गणपति बप्पा मोरया, कहें ख़ुशी से झूम 

शुरू करें हर काम को, लेकर तेरा नाम 
तेरे पूजन से सदा ,पूरे होते काम 

पूजा गणेश की करो,ले धूप और फूल 
मस्तक पर करना तिलक,ले चरणों की धूल

होती तेरे नाम से, सदा सुखद शुरुआत 
जीवन खुशियों से भरे, मिले पीर को मात 
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Saturday, August 30, 2014

बेटे हर्ष को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ


जन्मदिवस पर आपके, देते आशीर्वाद 
खुशियों से झोली भरे, रहो सदा आबाद | 

रहना दूर बुराई से, करना अच्छे काम 
करना जग में तू सदा, अपना ऊँचा नाम |


क्रोध द्वेष से दूर रह, करना सबसे प्यार 
तेरे जीवन में सदा , छाई रहे बहार |

वाणी तेरी शहद सी , और मधुर मुस्कान 
छोटा हो या हो बड़ा , सबको देना मान |

जीवन के संग्राम में, रहो सदा खुशहाल 
हर्ष ह्रदय तुम जीतना, करना सदा कमाल |
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Wednesday, August 27, 2014

धड़कन [कुण्डलिनी]

धड़कन से चालू हुआ ,धड़कन पर सब बंद 
मोल समय का जान लो ,यह इसकी पाबंद 
यह इसकी पाबंद ,आस जीवन की बनती
नैया लगती पार ,अगर है धड़कन चलती 
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