हमराही

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Thursday, November 7, 2013

लगा अब दांव पर परिवार का सम्मान है

1 2 2 2   1 2 2 2   1 2 2 2   1 2 

लबों से आज गायब हो गई मुस्कान है 
अजब सी अब परेशानी लिए इन्सान है / 

कभी तो दिन भी बदलेंगे ,मिलेगा चैन तब
दुखों का अंत होगा तब यही अनुमान है /

गिले शिकवे यूँ अब हावी हुए रिश्तों पे हैं  
लगा अब दांव पर परिवार का सम्मान है /

किसे अपना कहें किसको पराया हम कहें 
यहाँ हर चेहरे की अब छुपी पहचान है /

रचे हैं साजिशें गहरी मगर अब सोचते 
जफ़ा पाकर खुदी का डोलता ईमान है  /

जमाना लाख समझाए नहीं सुधरेंगे ये 
नहीं मजहब सिखाता यूँ लुटाना आन है /

चले आओ हमारे पास ढलती शाम में 
हमें घर आज फिर से ही दिखे अनजान है /

तुम्हारे साथ ही गुजरी हमारी जिंदगी 
सनम है आज भी बसती तुम्हीं में जान है /

वफ़ा  सरिता निभाई है हमेशा साथ दे 
जतन तुम भी करो मुश्किल नहीं आसान है  //

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प्याज महाराज

मैया मेरी त्यौहार में रखना मेरी लाज 
मिठाई के जगह अबकी तुम ले आना प्याज |

भैया दूज आ गया सब अतिथि हैं आये
सब्जी,सलाद बिन प्याज के उनको नहीं है भाये |

सरकारी दावे हैं जो खोखले हो गए सारे 
मंहगाई की मार ने दिन में दिखाए तारे |

प्याज का पीछा करते टमाटर हो गया लाल 
भिन्डी तोरी गोभी ने किया सबको बेहाल |

प्याज की सांठ गांठ से हर मानव घबराया 
कभी था गरीब की थाली में अब महाराज कहलाया |

प्याज की अगुवाई ने सब्जियों को सरपट भगाया 
पसीने छूटे थे प्याज से अब हर सब्जी ने रुलाया | 
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Wednesday, November 6, 2013

कौन हो तुम ?

आज फिर 
तुम्हारी बेरूख़ी ने 
मुझे यूँ रुला दिया|
एक चाहत 
जो जगी मिलने की 
उसे भी मिटा दिया|
मिलने से पहले ही
बिछूड़ने का डर 
क्यों सताए?
काश कभी 
आँख खुलते ही 
वो सामने आ जाए|
रोक कर 
उस पल को 
कभी न जाने देना है|
लिपटकर उससे 
अपना आँचल 
भिगो लेना है|
तुम्हे 
कुछ हो जाए 
तो चैन नही मैं पाती हूँ|
कौन हो तुम ?
अनजान मुसाफिर 
जिसे सोच के मैं घबराती हूँ||

Tuesday, November 5, 2013

भैया दूज [दोहावली]

यम यमुना दोनों मिले, छाई ख़ुशी अपार 
दुनिया भर में गूंजता , बहन भ्रात का प्यार |

दीवाली के बाद ही ,आए भाई दूज 
करके भाई को तिलक ,बहन रही है पूज |

रोली अक्षत पुष्प से, पूजा करती आज 
भगवन आशीर्वाद दो, बनें भ्रात के काज |

जग में पवित्र प्रेम की, दूजी नहीं मिसाल 
जब मिलते भाई बहन, कहते अपना हाल |

रक्षा बहना की करे ,बहना का सम्मान 
उसकी खातिर त्यागता, भाई सब अरमान |

भैया बहना को सभी, देते आशीर्वाद 
भैया नित आशीष दे, बहन रहे आबाद |
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Sunday, November 3, 2013

दीपावली दोहावली


दीपों की हैं पंक्तियां, दीवाली त्यौहार 
आपस में सब बाँटते ,खुशिओं के उपहार // 

रोशन दीपों संग हो, सुंदर सजे जहान,
लक्ष्मी का हो आगमन ,हों पूरे अरमान //

बना स्वच्छता प्रकाश का, दीवाली है पर्व 
भारतवासी हैं सभी , करते इस पर गर्व //

दिवाली महापर्व है , मनाओ संग प्यार
न पटाखों को सब कहो , मीठा दो उपहार //

धनतेरस से हो शुरू, दूज पर हो समाप्त 
सबके आशीर्वाद से ,खुशियाँ करो प्राप्त //

रामभक्त ख़ुश आज थे, लौटे राजा राम
दिये अयोध्या में जले, लेकर प्रभु का नाम //

नरकासुर मारा गया  ,फैला हर्ष अपार 
सभी कृष्ण भगवान की ,करते जय जय कार //

विष्णु भगवन प्रकट हुए, रूप सिंह का धार 
मुक्त करी जनता सभी ,हिरण्यकश्यप मार //

तीर्थंकार चौबीसवें , जैन थे महावीर 
यह दिन है निर्वाण का ,मनाएं जैनवीर //

महर्षि दयानन्द जी,थे इक आर्य महान 
दीवाली का दिवस ही, बना दिवस अवसान // 

मिटता प्रकाश से तिमिर, विजय देत उल्लास
मत आतिशबाजी करो ,दीवाली तब ख़ास //

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Saturday, November 2, 2013

रूप चतुर्दशी [ दोहे ]

पांच दिनों के पर्व का ,द्वितीय दिन है आज
मना नरक चौदस रहे ,पूरे करें रिवाज // 

संध्या बाद दिए जला, पूजो तुम यमराज 
दिवाली महापर्व का ,दूजा दिन है आज //

उपासना यमराज की, का कर आज विधान 
स्वस्थ रहो ,हर रोग से मुक्त करें भगवान //

नरकासुर का वध किया, देव छुडाये आज
बंदीगृह से मुक्त कर ,कृष्ण बचाई लाज //

नरकासुर के नाश से थम गए अत्याचार 
प्रकाश है विजयी हुआ , मिट गया अन्धकार //

है छोटी दीपावली , करो आज प्रकाश 
आज कृष्ण ने कर दिया ,नरकासुर का नाश //

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धनतेरस दोहे

धनतेरस है आ गया ,मन छाया उल्लास 
मिले स्वस्थ तन आपको ,होवे सुख का वास //

धनतेरस का शुभदिवस ,लाये खुशी अपार 
भाग्यवान सब आप हों, धन की हो बौछार //

हर दिन ही बढता रहे, सबका कारोबार 
ऐसा हो परिवार का, धनतेरस त्यौहार //

सवार हो स्वर्ण रथ पर ,आई लक्ष्मी मात
देने आई आपको ,खुशिओं की सौगात //

रहे बरसता आप पर , लक्ष्मी माँ का नूर
धन दौलत का हो नहीं ,तुझको कभी गुरूर //

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